बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय पर वृद्ध आश्रम के नाम पर किराए की महिलाओं को रखे जाने के फर्जीवाड़े की पुष्टि होने पर संचालकों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है। बड़वानी के एसडीएम घनश्याम धनगर ने बताया कि आज उन्होंने संयुक्त दल के साथ उज्जवल मेडिकल फाउंडेशन कापड़ना (महाराष्ट्र) के द्वारा बड़वानी के नवलपुरा में संचालित ‘वृंदावन मां वृद्ध आश्रम: का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि वहां दर्ज 50 महिलाओं के विरुद्ध केवल दो महिलाएं ही पायी गयीं। महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि उन्हें सुबह 9:00 से शाम के 5:00 बजे तक 100 प्रतिदिन के हिसाब से रहने के लिए राशि मिलती थी।
उन्होंने बताया कि वृद्ध आश्रम में कथित तौर पर दर्ज 11 में से 9 कर्मचारी भी अनुपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि कथित वृद्ध आश्रम में मान्यता शर्तों व संचालन के किसी भी नियम का पालन नहीं पाया गया। उपस्थित कर्मचारियों ने अपने कथनों में बताया कि यहां वृद्ध आश्रम के नाम पर एक दो महिलाओं को किराए पर रखा जाता है।
एसडीएम ने बताया कि जुलाई माह में किए गए निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों ने 35 महिलाओं को मजदूरी पर बुलाकर प्रस्तुत किया था। उन्हें यह कहने के लिए मजबूर किया गया था कि वे आश्रम में ही निवासरत है। उन्होंने बताया कि 2019 से संचालित इस संस्था को केंद्रीय सामाजिक एवं न्याय विभाग से 11.44 लाख रुपए अनुदान की पहली किश्त भी प्राप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि पंचनामा बनाकर आश्रम का संपूर्ण रिकॉर्ड जब्त कर जांच प्रतिवेदन जिला कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा को प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अशांति फैलाने पर आश्रम के संचालक और शिक्षक शशिकांत पाटिल और कर्मचारी कमल गोले को कार्रवाई कर बड़वानी कोतवाली में पहुंचाया गया है।
जिला कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा ने बताया कि संचालक, सामाजिक न्याय विभाग मध्यप्रदेश द्वारा उक्त संस्था को दूसरी किश्त जारी करने के पूर्व सत्यापन करने के निर्देश के तारतम्य में आज निरीक्षण हेतु एसडीएम के नेतृत्व में दल को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि जांच प्रतिवेदन को शासन स्तर पर भेज कर आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।