वॉकिंग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह न सिर्फ वजन कम करने में मदद करता है, बल्कि दिल की सेहत, मेंटल हेल्थ और ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाता है ।
हालांकि, अगर वॉक करते समय कुछ गलतियां की जाएं, तो यह फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर दिल के लिए। आइए जानते हैं ऐसी 8 गलतियों के बारे में जो वॉक करते वक्त दिल की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
बहुत तेज या बहुत धीमी गति से चलना
वॉक करते समय स्पीड का सही होना जरूरी है। बहुत धीमी गति से चलने पर शरीर की सही तरीके से एक्सरसाइज नहीं हो पाती है, जबकि अचानक बहुत तेज चलने से हार्ट रेट बढ़ सकता है और दिल पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ सकता है। वॉक करने की सही स्पीड वह है, जिसमें आप आराम से बात कर सकें, लेकिन गाना न गा पाएं।
वॉर्म-अप और कूल-डाउन न करना
बिना वॉर्म-अप के अचानक तेज चलना शुरू करने से मांसपेशियों में खिंचाव आ सकता है और दिल की धड़कन अनियंत्रित हो सकती है। इसी तरह, वॉक खत्म करने के बाद अचानक रुक जाने से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है। इसलिए वॉक करने से पहले और बाद में 5-10 मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या धीमी वॉकिंग जरूर करें।
गलत पोश्चर में चलना
झुककर या गलत तरीके से चलने से रेस्पिरेशन पर असर पड़ता है, जिससे दिल तक भरपूर ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाता। सीधे खड़े होकर, कंधे ढीले रखते हुए और हाथों को स्विंग करते हुए चलें।
सही मात्रा में पानी न पीना
डिहाइड्रेशन ब्लड को गाढ़ा बना देता है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। वॉक से पहले, बीच में और बाद में पानी पीते रहें, खासकर गर्मियों में।
भारी नाश्ता करके चलना
वॉक से ठीक पहले हैवी या तला-भुना खाने से पाचन तंत्र पर जोर पड़ता है और दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है। हल्का और पौष्टिक नाश्ता लें, जैसे फल या ड्राई फ्रूट्स।
प्रदूषण भरे इलाके में वॉक करना
धूल-प्रदूषण या ट्रैफिक वाली सड़क पर वॉक करने से फेफड़ों और दिल पर बुरा असर पड़ता है। हमेशा हरियाली वाली जगहों पर ही वॉक करें, जहां आस-पास धूल और धुआं कम हो।
ओवरएक्सर्ट करना
अगर आपको सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या सीने में दर्द हो, तो तुरंत रुक जाएं। जरूरत से ज्यादा वॉक करना दिल के लिए खतरनाक हो सकता है, खासकर हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट डिजीज वालों के लिए।
नियमितता न बनाए रखना
कभी-कभार लंबी वॉक करने के बजाय रोजाना 30-40 मिनट की नियमित रूप से वॉक करें। अनियमित वॉकिंग से दिल की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है।