इंदौर. सफाई में अव्वल इंदौर को एक और सौगात मिली है. यहां के रालामंडल अभयारण्य में नाइट सफारी शुरू की गई है. जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने उद्धघाटन कर नाइट सफाई का लुत्फ लिया. भोपाल के वन विहार के बाद इंदौर में ये प्रयोग किया गया है.
कोरोना काल के बाद अब इंदौर में पर्यटन को रफ्तार देने के लिए रालामंडल अभयारण्य में नाइट सफारी की शुरूआत की गई है. जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने उसका उद्घाटन किया और खुली जिप्सी में सवार होकर नाइट सफारी का आनंद लिया. इस दौरान चीतल, हिरण, खरगोश और नीलगाय जैसे जानवर दिखाई दिये.
रालामंडल में 782 मीटर की ऊंचाई पर बने शिकारगाह पर पहुंचने बाद पूरा इंदौर रात में लाइट से जगमग दिखाई देता है. ये अद्भुत नजारा देखकर पर्यटक भी अभिभूत हो जाते है. यहां पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्ते पर ढाई किलोमीटर चलना पड़ता है. ये यात्रा रोमांच से भरी होती है. अभी प्रदेश की राजधानी भोपाल के वन विहार में नाइट सफारी की शुरूआत की गई थी उसके बाद इंदौर में ये नया प्रयोग किया गया है.
रालामंडल देश की एकमात्र ऐसी सेंचुरी है जो बारिश में भी खुली रहती है. वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक यहां पेड़ों की 300 से ज्यादा प्रजाति और 400 से ज्यादा जाति के औषधीय पेड़ पौधे हैं. अभयारण्य में नीलगाय, चीतल, कृष्णमृग, चिंकारा, बारहसिंघा और सेही जैसे वन्यपशु के अलावा 62 प्रकार के पक्षी जैसे मोर, नीलकंठ, टिटहरी, किंगफिशर भी देखे जाते हैं..
रालामंडल में नाइट सफारी का शुभारंभ करते हुए जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा ये नाइट सफारी इंदौर में पर्यटन के लिए एक नया आकर्षण है. स्वतंत्रता दिवस पर ये बड़ी सौगात इंदौर को मिली है. आगे इसका बडा़ स्वरूप देखने को मिलेगा. सुरक्षा की दृष्टि से यहां एक पुलिस चौकी बनाई जाएगी. महिला गार्ड भी तैनात की जाएंगी ताकि पर्यटकों को कोई असुविधा न हो. उन्होंने कहा पर्यावरण की दृष्टि से रालामंडल एक विशेष महत्व रखता है.
रालामंडल अभयारण्य में नाइट सफारी की शुरूआत के साथ ही यहां डेढ करोड़ की लागत से एक खूबसूरत बटरफ्लाइ पार्क भी बनाया जाएगा. पर्यटकों को लुभाने के लिए पार्क में फूड जोन के अलावा दूसरी जगहों से जंगली जानवरों को लाकर बसाया जाएगा. रालामंडल के शिकारगाह को देवगुराड़िया पहाड़ से जोड़ने के लिए रोपवे बनाकर केबल कार चलाई चलाई जाएगी.