मऊगंज: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के गडरा गांव के एक घर में तीन शवों के मिलने से एक बार फिर हड़कंप मच गया है. घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी थी. जब पुलिस गेट खोलकर अंदर गई तो तीनों शव फंदे से झूल रहे थे. परिजनों का आरोप है कि 15 मार्च को हिंसा के बाद गांव में तैनात पुलिस ने मारपीट की थी. इस घटना के बाद परिवार घर से बाहर ही निकला.
रीवा आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि घर के अंदर औसेरी, बेटी मीनाक्षी (11) और बेटे अमन (8) के शव मिले हैं. यह मामला 15 मार्च को हुई हिंसा से पूरी तरह से अलग है.
पड़ोसियों ने बताया कि आज सुबह से ही घर से बदबू आ रही थी. खिड़की से झांककर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद था. इसेक बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पुलिस ने मौका-मुआयना कर रीवा से फॉरेंसिक टीम और अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया है. बता दें कि 15 मार्च इसी गांव में बवाल हुआ था. जिसमें एक युवक की आदिवासियों ने हत्या कर दी थी. साथ ही एक ASI की भी हत्या हुई थी. इसके अलावा घटना में 15 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
कुसुमकली ने बताया कि घर में जेठ और उनके बच्चों के शव मिले हैं. हम दो किलोमीटर दूर रहते हैं. यहां गांव में 15 मार्च को विवाद हुआ ता, इसके बाद से कोई भी घर से बाहर नहीं निकल रहा था. गांव में जो पुलिस तैनात थी वो लोगों को घर में घुसकर मारती थी. महिलाओं को भी पुलिस द्वारा पीटा जाता था. कुसुमकली ने आरोप लगाया कि उनके जेठ से भी पुलिस ने मारपीट की थी.
इस घटना को लेकर एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि गडरा गांव में साकेत समाज की बस्ती में घर से बदबू आने की सूचना मिली थी. पुलिस पहुंची तो घर अंदर से बंद था. आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने घर का दरवाजा खोला. घर के अंदर तीन डेडबॉडी थी. शवों का आइडेंटिफिकेशन करा रहे हैं.
घटना के कारण का पता कर रहे हैं. पुलिस का इस घटना से कोई लेना देना नहीं है. जानकारी के अनुसार, औसेरी की पहली पत्नी की मौत हो चुकी है. उसके चार बच्चे बाहर रहते हैं. वहीं दूसरी पत्नी से उसके दो बच्चे थे, वह भी छोड़कर चली गई. औसरे दो बच्चों के साथ रह रहा था. सिलाई का काम करके वह अपने परिवार का भरण पोषण करता था.