भोपाल। विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस ने महंगाई और ओबीसी आरक्षण पर सदन में जमकर हंगामा किया। कांग्रेस की गर्भगृह में की गई नारेबाजी के चलते प्रश्नोत्तर काल पूरा नहीं चल पाया और विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी और जब दोबारा सदन समवेत हुआ तो कांग्रेस विधायक फिर गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। इन हालातों में हंगामे के बीच सदन में विधेयक पेश कर उन्हें पारित करने की प्रक्रिया पूरी कराई गई और अनुपूरक बजट को भी मंजूरी देने का काम किया गया। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।
दरअसल प्रश्नोत्तर काल के हंगामे में स्थगित विधानसभा की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो कांग्रेस के विधायक दलित विरोधी सरकार और ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करो के नारे वाले एप्रिन पहनकर विधानसभा के भीतर पहुंच गए। नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने अध्यक्ष से महंगाई पर चर्चा कराने की मांग की। दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक एप्रिन पहनकर गर्भगृह में पहुंच गए और नारेबाजी करते रहे। इस बीच सदन की कार्यवाही भी हंगामे के बीच चलती रही। हंगामे के बीच सदन में सरकारी विभागों के प्रतिवेदन रखे गए। विधायक हिना कावरे द्वारा बालाघाट जिले में खाद की कमी से उत्पन्न स्थिति को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी इस दौरान पेश किया गया।
विधानसभा में आज हंगामे के बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 4587 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। इस पर पहले चर्चा के लिए अध्यक्ष ने कल दो घंटे का समय तय किया लेकिन जब कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा तो अध्यक्ष ने अनुपूरक बजट को भी आज ही पारित करने के लिए प्रस्ताव मांगा और मंत्री के प्रस्ताव पर बजट पारित कर दिया गया। देवड़ा ने इसके अलावा मध्यप्रदेश माल और सेवा कर संशोधन विधेयक 2021 भी पेश किया जिसे मंजूरी दे दी गई।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने पिछड़े वर्ग की पीठ पर छुरा घोंपा है। कांग्रेस आंखों पर पट्टी बांधकर बैठी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण को बढ़ने से रोकने के लिए स्टे कराने का षड़यंत्र किया। पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। विधानसभा में कांग्रेस के आरोपों के जवाब में उग्र होते नजर आए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पाखंड कर रही है। घटिया राजनीति कर रही है। कांग्रेस भ्रम फैलाने की कोशिश कर समाज को तोड़ने के अभियान में लगी है। कल आदिवासियों को लेकर भ्रम फैलाया गया और आज पिछड़े वर्ग के बारे में कांग्रेसियों ने पाखंड किया है।
नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ पर हमला करते हुए सीएम चौहान ने कहा कि वे आरक्षण पर एप्रिन पहनकर आ रहे हैं। कमलनाथ जवाब दें कि 8 मार्च 2019 को पिछड़े वर्ग को 14 से 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के मामले में क्या किया? दस मार्च को याचिका लगी और 19 मार्च को कोर्ट से स्टे आ गया। नौ दिन तक तत्कालीन सरकार ने अपना एडवोकेट जनरल तक कोर्ट में खड़ा नहीं किया। तत्कालीन सरकार ने अपने शासन के दौरान इसके लिए कोई प्रयास तक नहीं किया।
विधानसभा में आज हंगामे के बीच आधे घंटे में सात विधेयक पारित हो गए। अध्यक्ष की अनुमति से मंत्रियों ने मध्यप्रदेश विनियोग अधिनियम निरसन विधेयक 2021, मध्यप्रदेश संशोधन अधिनियमों का निरसन विधेयक 2021, मध्यप्रदेश नगर पालिक विधि संशोधन विधेयक 2021, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021, मध्यप्रदेश आबकारी संशोधन विधेयक 2021, मध्यप्रदेश विनियोग अधिनियम निरसन विधेयक 2021 पेश किए जिनको आधे घंटे के भीतर पारित कर दिया गया।