भोपाल: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के खिलाफ 9 साल पहले दिए गए कांग्रेस के सीनियर लीडर अजय सिंह के बयान को कोर्ट ने आपत्तिजनक माना है। कोर्ट ने अजय सिंह को मानहानि का दोषी मानते हुए अदालत खत्म होने तक खड़ा रहने की सजा दी। फैसला शनिवार को सुनाया गया। दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक अजय सिंह कोर्ट में खड़े रहे। कोर्ट ने उन्हें 10 हजार रुपए का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
सुनवाई के दैरान अजय सिंह की ओर से पैरवी करने के लिए साजिद अली, संजय गुप्ता और विनीत गोधा (Sajid Ali, Sanjay Gupta and Vineet Godha) मौजूद रहे. वहीं शिवराज सिंह चौहान और साधना सिंह की ओर से दीपेश जोशी उपस्थित थे. अजय सिंह के बचाव में उनके वकीलों ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने ऐसा बोला था, इसलिए अजय सिंह ने भी कह दिया. हालांकि, अजय सिंह ने कोर्ट के समक्ष बयान में ऐसा कुछ कहने से इनकार कर दिया. अदालत ने बचाव में दी गई दलीलों को मान्य नहीं किया. हालांकि उन्हें शिवराज सिंह की मानहानी के मामले में बरी कर दिया गया.
9 साल पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक बयान (objectionable statement) दिया था. 9 मई 2013 को सागर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने साधना सिंह पर कई आपत्तीजनक बयान दिए थे. साधना सिंह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का आरोप था कि वोटबैंक को आकर्षित करने के लिए आरोप लगाए थे.
9 मई 2013 को सागर में जनक्रांति जनसभा को संबोधित करते हुए तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने साधना सिंह पर कई आपत्तिजनक बयान दिए थे. इसके बाद उन्होंने 4 जून 2013 को खरगोन में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि साधना सिंह की असली पहचान बताइये. आगे उन्होंने कहा था कि साधना सिंह को मुख्यमंत्री नोट गिनने की मशीन के रूप में लेकर आए हैं.
मुख्यमंत्री शिवराज और उनकी पत्नी साधना सिंह की शिकायत पर अजय सिंह के खिलाफ 10 अक्टूबर 2013 को अदालत में एक करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया गया. 16 जुलाई 2014 को अजय सिंह ने मामले में जमानत भी कराई. इसके खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की गई, जिसके 16 जुलाई 2016 को खारिज होने पर हाईकोर्ट में अपील की गई. 25 जुलाई 2016 को अजय सिंह के खिलाफ जिला अदालत ने आरोप तय किए थे.