सागर । जिला अस्पताल सागर से बच्चा चोरी करने वाली आरोपिया को भा.द.वि. की धारा- 363 एवं धारा-365 के तहत 05-05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक-एक हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा से अपर-सत्र न्यायाधीष/विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) प्रषांत कुमार जिला-सागर की अदालत नेे दंडित किया । मामले की पैरवी प्रभारी में लोक अभियोजक दीपक कुमार जैन ने की ।
जिला अभियोजन सागर के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि दिनॉक फरियादी रामबाबू ने दिनॉक 02.06.24 को प्रातः8ः30 बजे जिला चिकित्सालय सागर के महिला वार्ड से केयर टेकर को जानकारी दी कि उसकी पत्नी रूबी अहिरवार दिनॉक 29.05.24 को गर्भवती अवस्था में महिला वार्ड/डफरिन अस्पताल सागर में प्रसव हेतु भर्ती हुई तथा उसी रात दिनॉक की रात्रि में उसकी पत्नी ने एक बालक को जन्म दिया था आज सुबह वे सभी वार्ड के बाहर बैठे थे वार्ड में उसकी पत्नी व नवजात शिशु थे , वार्ड की सफाई होने के बाद जैसे ही वह अंदर पहुॅचा तो उसकी पत्नी ने उसे जानकारी दी कि सॉवले रंग की महिला उससे बच्चे को यह कहकर लेकर गई है कि बच्चे को उसकी दादी ने बुलाया है वह महिला हरे रंग का सूट तथा आरंेज कलर का पेटीकोट पहने है ऑखों में नजर का चश्मा लगाये हुये है फिर उसने अपनी मॉ से पूछा तो बच्चा नहीं मिला।
अस्पताल के कर्मचारी की सूचना पर वार्ड में ही देेहाती नालिसी अज्ञात महिला के विरूद्ध भादवि की धारा- 363, 366,370 भादवि की पंजीबद्ध की गई तथा गुमइंसान भी पंजीबद्ध की गई गुमइंसान के जॉच में बस स्टेंड तिली सागर से अपहृत बालक को महिला की हुलिया के आधार पर दस्तयाब किया गया तथा बच्चे को सुपुर्दगी पर उसके पिता को दिया गया, अभियुक्त महिला संगीता से पूछताछ की गई, जेल में फरियादिया से आरोपिया की शिनाख्ती कराई गई जिला अस्पताल के सीसीटीव्ही की फुटेज भी जब्त की गई । विवेचना के दौरान साक्षियों के कथन लेखबद्ध किये गये। थाना-गोपालगंज द्वारा धारा 363,366,370 भा.दं.सं. के अंतर्गत आरोपिया संगीता विश्वकर्मा के विरूद्ध विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में पेश किया। जहॉ विचारण उपरांत अपर-सत्र न्यायाधीष/विशेष न्यायाधीश (विद्युत अधिनियम) श्रीमान प्रषांत कुमार जिला-सागर की न्यायालय ने आरोपिया को दोषी करार देते हुये उपर्युक्त सजा से दंडित किया।