नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाए जाने की मांग को लेकर जो याचिका दाखिल की थी, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने इस पर सुनवाई से इनकार करते हुए इसे खारिज कर दिया। इस याचिका के खारिज होने के बाद केजरीवाल को अब हर हाल में 2 जून को सरेंडर करना पड़ेगा। आपको बता दें एक दिन पहले मंगलवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केजरीवाल को कोई राहत देने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और केवी विश्वनाथन की पीठ ने उचित आदेश पारित करने के लिए याचिका को भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेवाई चंद्रचूड़ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया था। पीठ का कहना था कि केजरीवाल की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाए जाने पर फैसला सीजेआई ही ले सकते हैं।

आपको बता दें कि दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को इसी साल मार्च में गिरफ्तार किया था। इसके बाद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए जमानत की मांग की जो खारिज हो गई। फिर दिल्ली सीएम ने चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए 1 जून तक अंतरिम जमानत दी थी। केजरीवाल को 2 जून को सरेंडर करना होगा। मगर उससे पहले केजरीवाल ने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत अवधि 7 दिन बढ़ाने की मांग की। केजरीवाल का कहना है कि डाक्टरों ने उन्हें पीईटी-सीटी कराने की सलाह दी है इसलिए उनकी जमानत अवधि को बढ़ा दिया जाए। हालांकि अब जब उनकी इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया तो उन्हें 2 जून को तिहाड़ जेल जाना ही होगा।