भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बच्चों में कुपोषण दूर करने की कार्ययोजना की निरंतर समीक्षा पर जोर देते हुए समाज के प्रतिष्ठित सेवाभावी विशेषज्ञों की निगरानी समिति बनाने के निर्देश दिये। श्री चौहान आज यहाँ विधानसभा में अटल बिहारी वाजपेयी बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन की साधारण सभा की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ियों में बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य एवं वजन पर निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषण की शुरूआत से पहले बच्चों को पूरक एवं पौष्टिक आहार देने के अच्छे परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में गंभीर कुपोषण की स्थिति का पता चलता है वहाँ विशेष रणनीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है। बच्चों में गंभीर कुपोषण दूर करने के लिये समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन रणनीति के अंतर्गत थोड़ी मात्रा में ज्यादा ऊर्जा और पोषण देने वाला भोजन देने की पहल की जाएगी। यह देश में अनूठी पहल होगी। यह भोजन मध्यप्रदेश एमपी एग्रो इंडस्ट्रीज की सहायता से तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सांझा चूल्हा कार्यक्रम और आंगनवाड़ियों के संचालन, अमले की दक्षता का आंकलन करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि कुपोषण समाप्त करने की रणनीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ताओं को प्रशिक्षण देने की जरूरत बतलायी। उन्होंने हर जिले की कुपोषण प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने और जिले की सामाजिक, शैक्षणिक, भौगोलिक स्थितियों को देखते हुये रणनीतियां तैयार करने के निर्देश दिये। श्री चौहान ने कहा कि जिन जिलों में कुपोषण समाप्त करने के अच्छे प्रयास हुए है उनका अध्ययन कर अन्य जिलों में भी उनका विस्तार किया जाए।

बैठक में ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती रंजना बघेल, मुख्य सचिव श्री आर. परशुराम, अपर मुख्य सचिव खाद्य श्री एंटोनी जे. डीसा, प्रमुख सचिव महिला बाल विकास श्री बी.आर. नायडू एवं संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *