ग्वालियर। ग्वालियर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा केन्द्रीय सहायता से ग्वालियर जिले में चलाए जा रहे अमृत सिटी योजना, स्मार्ट सिटी योजना से लेकर अन्य विकास कार्यों को दु्रत गति से संचालित करने की सराहना की। उन्होंने बीस सालों बाद के ग्वालियर को विकसित ग्वालियर बताया ।
केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, नरेन्द्र सिंह तोमर, मप्र की नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह , महापौर विवेक शेजवलकर , नगर निगम कमिश्रर विनोद शर्मा ने बताया कि ग्वालियर जिले में अनेक योजनाएं संचालित हैं। इन योजनाओं में शहरी पेयजल के लिए अमृत योजना से लगभग ३३० करोड के कार्य, सीवर व्यवस्था के लगभग ४०० करोड के कार्य , ग्वालियर शहर के लिए चंबल नदी से पानी लाने की योजना पर लगभग ४०० करोड , प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ८९८१९ आवासीय ईकाईयों के लिए ७५० करोड , ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना पर २५४ करोड , हेरिटेज सर्किट के तहत ग्वालियर एवं मुरैना के पर्यटक स्थलों के विकास के लिए २६ करोड, चार आरओबी के लिए १३० करोड, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण कार्य के लिए ३९६ करोड स्मार्ट सिटी के लिए २३२३ करोड कुल ५०१० करोड के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन विकास कार्यों के शुरू होकर पूरा होने के बाद ग्वालियर एक उत्कृष्ट शहरों की श्रेणी में आ जाएगा। उन्होंने केन्द्रीय राशि के सहयोग से चलाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी भी ली। वहीं उन्होंने केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर सहित मप्र की नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह से विकास कार्य के लिए केन्द्र से जो भी सहयोग चाहिए उसे दिलाने का आश्वासन भी दिया।
उल्लेखनीय है कि अमृत योजना में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा नगर के शत प्रतिशत लोगों को पेयजल और सीवर निकासी के लिए पैसा प्रदाय किया जाता है। यह योजना जनता को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए है। वहीं ग्वालियर शहर में चंबल से पानी लाने की योजना के लिए ४०० करोड प्रस्तावित है। इसके लिए चंबल नदी पर एक इंटक वेल बनाया जाएगा। एवं पाइप लाइन दोनों जिलों के लिए अलग अलग डाली जाएगी। दोनों का विद्युत उपग्रह केन्द्र अलग अलग बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत २०२२ तक ७५० करोड की राशि से ८९८१९ आवास के निर्माण की योजना है। नगर निगम की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के तहत ग्वालियर क्लस्टर के लिए २५४ करोड रूपए का प्रस्ताव है। ग्वालियर और मुरैना के पर्यटक स्थलों के विकास के लिए अभियान चलाकर विकास किया जाएगा इसके लिए २६ करोड रूपए का प्रस्ताव रखा गया है। आरओबी के निर्माण पर १३० करोड खर्च करने का प्रस्ताव है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा ३९६ करोड की राशि से विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं।