भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार अब पुल बनाने के लिए 1120 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। इस राशि से स्टेट हाईवे और मुख्य जिला मार्ग को सालभर चलने लायक बनाने के लिए 398 पुल बनाए जाएंगे। कर्ज न्यू डेवलपमेंट बैंक से लिया जाएगा। बैंक ने कर्ज देने पर सहमति भी जता दी है। अब लोक निर्माण विभाग आगे की कार्रवाई करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव लाने जा रहा है।
मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मुख्य जिला मार्ग बनाने के लिए तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया है। सड़क विकास निगम एशियन डेवलपमेंट बैंक से कर्ज लेकर कई सड़कें बना रहा है। नाबार्ड से भी इस काम के लिए सरकार ने कर्ज लिया है। अब पुलों के लिए कर्ज लेने की तैयारी हो चुकी है।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने पिछले पांच-छह सालों में सड़कों का जाल तो पूरे प्रदेश में बिछा दिया है पर कई सड़कों पर बने पुल यातायात के हिसाब से बेहद छोटे, संकरे व जलमग्नीय हैं। इसकी वजह से सड़कें सालभर नहीं चल पाती हैं और कई बार जाम लगने की नौबत आ जाती है। इसे देखते हुए विदिशा, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल, गुना, ग्वालियर, उज्जैन सहित कई जिलों में 398 पुल बनाना प्रस्तावित किया है।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने कुछ समय पहले ही लोक निर्माण विभाग को बजट के बाहर से राशि का इंतजाम करने के रास्ते तलाशने के निर्देश दिए थे। विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने सड़कों के कामों को गति देने के लिए स्वीकृत बजट के अतिरिक्त दो हजार करोड़ रुपए से ज्यादा देने की मांग रखी थी।
वित्त विभाग अब किसी भी विभाग को इतनी बड़ी राशि देने की स्थिति में नहीं है। अगस्त से हर माह बाजार से कर्ज उठाया जा रहा है। ऐसी सूरत में न्यू डेवलपमेंट बैंक से यदि ये राशि मिल जाती है तो किसी को फिलहाल तो कोई आपत्ति नहीं है।
30 प्रतिशत राशि लगाएगी सरकार
विभाग प्रस्तावित पुलों के पुनर्निर्माण की परियोजना लागत करीब 16 सौ 25 करोड़ रुपए रखी गई है। इसमें 70 प्रतिशत हिस्से की पूर्ति न्यू डेवलपमेंट बैंक से कर्ज लेकर होगी। राज्य सरकार को 30 फीसदी यानी 480 करोड़ रुपए लगाने होंगे।