भोपाल : आदिवासी विकास विभाग द्वारा प्रदेश के 20 आदिवासी बहुल जिले में संचालित विद्यालयों में 12वीं कक्षा में अध्ययनरत सीबीएसई की 3 अप्रैल को हुई जेईई मेन्स परीक्षा में सम्मिलित 597 विद्यार्थियों में से 280 विद्यार्थी सफल हुए हैं। इनमें से 212 अनुसूचित-जनजाति वर्ग के, 41 अनुसूचित-जाति से और 27 पिछड़ा वर्ग के हैं। इस तरह इन विद्यार्थियों ने ‘हम छू लेंगे आसमाँ” की पहली मंजिल तय की है।

इसके अलावा अनुसूचित-जनजाति वर्ग में विशेष पिछड़ा जनजाति सहरिया के 2 विद्यार्थी ने भी सफलता हासिल की है। आदिवासी विकास विभाग के प्रयासों से इन्हें राष्ट्रीय संस्थान आईआईटी में प्रवेश मिला है।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये राज्य-स्तरीय कोर ग्रुप का गठन कर विषयवार हार्ड स्पाट की सरल अध्ययन, अध्यापन सामग्री के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं में सफल करवाने के लिये निरंतर विशिष्ट रणनीति के अध्यापन प्रयास किये गये। प्रत्येक जिले में 30 विद्यार्थी का चयन कर इंजीनियरिंग/मेडिकल की राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा में सफलता/चयन के लिये 5 विद्यार्थी के चयन का लक्ष्य जिलों को दिया गया। विभागीय शिक्षकों ने विद्यार्थियों को मोटिवेशन लेक्चर्स और सायकोलॉजिकल असेसमेंट द्वारा इन परीक्षाओं के लिये तैयार किया। विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों, गुरुकुलम्, सुपर 30, द्रोण स्टडी, एम-लर्निंग, परीक्षा डॉट कॉम से अध्यापन सामग्री प्राप्त कर निरंतर विद्यार्थियों को अध्यापन के साथ-साथ मूल्यांकन करते हुए ऑनलाइन/ऑफलाइन मटेरियल, डिजिटल लायब्रेरी, डिजिटल डिस्प्ले की सुविधा दी गई।

विभाग द्वारा जे.ई.ई. एडवांस की परीक्षा 22 मई, 2016 एवं ए.आई.पी.एम.टी. की परीक्षा एक मई में भी विद्यार्थियों की सफलता के लिये विभागीय प्राचार्यों/व्याख्याताओं के माध्यम से सघन प्रयास किये जा रहे हैं।

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