ग्वालियर । अगले पाँच साल तक संकल्पबद्ध होकर भारत के नव निर्माण के लिये कमर कसें। सरकार समाज के साथ मिलकर वर्ष-2022 तक ऐसे भारत का निर्माण करेगी, जिसकी ओर पूरी दुनिया देखेगी।
उक्त आशय के विचार केन्द्रीय विधि, न्याय एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने व्यक्त किए। प्रसाद यहाँ मेला स्थित फैसिलिटेशन सेंटर में न्यू इंडिया मंथन-“संकल्प से सिद्धि” कार्यक्रम के तहत आयोजित हुए पंचायत राज संस्थाओं के पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, स्वच्छता, पेयजल एवं शहरी विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। कार्यक्रम में प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थीं। रविवार को आयोजित हुए इस कार्यक्रम में ग्वालियर जिले की पंचायतराज संस्थाओं के पदाधिकारियों को केन्द्रीय मंत्री द्वय रविशंकर प्रसाद व नरेन्द्र सिंह तोमर ने “संकल्प से सिद्धि” के तहत भारत के नव निर्माण के लिये संकल्प दिलाए।
मंत्री द्वय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के नव निर्माण के लिये भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ और आजादी के 70वें वर्ष में इसी अपेक्षा के साथ “संकल्प से सिद्धि” का मंत्र दिया है कि वर्ष-2022 तक हम एक समृद्ध राष्ट्र के रूप में भारत का नव निर्माण मुकम्मल करेंगे। मंत्री द्वय ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन के ठीक 5 वर्ष बाद 1947 में भारत को आजादी मिली थी। संकल्प से सिद्धि के पीछे भी यह भाव है कि वर्ष-2017 में संकल्प लेने के बाद हम कई बुराईयों से मुक्त होकर वर्ष-2022 में नए भारत के निर्माण का लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे।
केन्द्रीय विधि एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “संकल्प से सिद्धि” के तहत विकास के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर भारत का नव निर्माण करने का बीड़ा भारत सरकार ने उठाया है। उन्होंने कि इसी सोच के साथ सरकार ने देश के 30 करोड़ लोगों के जन धन खाते खोले हैं। इन खातों में ही सरकार द्वारा अब पूरी पारदर्शिता के साथ विभिन्न प्रकार के अनुदान व मनरेगा आदि का भुगतान किया जा रहा है। सरकार ने जन धन खातों में राशि भेजकर लगभग 57 हजार करोड़ रूपए बचाए हैं, जो पहले बिचौलिए हजम कर जाते थे।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल देश बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा गाँव-गाँव में कॉमन सर्विस सेंटर खोले गए हैं। जिनके जरिए लोगों को घर बैठे विभिन्न प्रकार के भुगतान व बैंकिंग सुविधायें मुहैया कराई जा रही हैं। ग्वालियर जिले में भी 203 सीएससी काम कर रहे हैं। प्रसाद ने विभागीय अधिकारियों को इन सेंटर को सशक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्वालियर कलेक्टर से कहा कि ग्वालियर जिले में भी डिजिटल सेवाओं को और बढ़ायें। केन्द्र सरकार की आरे से इसमें हर संभव सहयोग मिलेगा।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने इस अवसर पर पंचायत राज संस्थाओं के पदाधिकारियों का आहवान किया कि वे अपने-अपने गाँव में समाज सेवा व नवाचार का काम कर रहे क्षमतावान लोगों की पहचान करें, सरकार ऐसे महानुभावों को सम्मानित करेगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल के एक समाजसेवी करीम उल हक का जिक्र किया, जिन्होंने 2 हजार लोगों को अस्पताल पहुँचाकर उनकी जान बचाई है। प्रधानमंत्री ने स्वयं करीम उल हक से बात की और उन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने का फैसला किया। श्री रविशंकर प्रसाद ने ग्वालियर को खुले में शौचमुक्त जिला बनने के लिये सभी पंचायत पदाधिकारियों व सरकारी अमले को बधाई दी। साथ ही कहा कि बनाए गए शौचालयों का उपयोग भी हो।
केन्द्रीय पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार का मानना है कि गाँव उठेगा तो देश भी उठेगा। इसी बात को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री ने गाँवों के विकास के लिये ज्यादा से ज्यादा पैसा देने का फैसला किया है। भारत सरकार ने 2 लाख 292 करोड़ रूपए की राशि सीधे ग्राम पंचायतों के खातों में पहुँचाई है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार हर पंचायत को 20 लाख रूपए की राशि मुहैया कराने जा रही है, जो मनरेगा की राशि के अलावा होगी। इस धनराशि से गाँवों को कचरा मुक्त बनाया जायेगा। स्वयं सहायता समूह के माध्यम से यह काम कराया जा सकेगा। प्रयास ऐसे होंगे कि गाँव के कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन हो और यह कचरा ग्राम पंचायत की आय के साधन बनें। उन्होंने सरपंचों का आहवान किया कि वे केवल सीसी रोड़ निर्माण तक सीमित न रहें बल्कि अपनी पंचायत में पर्यावरण सुरक्षा, बेहतर शिक्षा व चिकित्सा आदि सेवायें भी बेहतर रूप में मुहैया कराने में मददगार बनें।
प्रदेश की नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प एवं दूरदृष्टि के साथ देश के नव निर्माण का संकल्प लिया है। आप सबकी सहभागिता से ही इसके शतप्रतिशत परिणाम सामने आयेंगे। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार पूरी शिद्दत के साथ केन्द्र सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहना रही है। कार्यक्रम में विधायक भारत सिंह कुशवाह एवं जिला पंचायत के उपाध्यक्ष शांतिशरण गौतम ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए मंत्र को अपनाकर और सही प्लानिंग कर हम गाँवों की तस्वीर बदल सकते हैं।
कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि खुले में शौच मुक्त बनाने के बाद अब ग्वालियर जिले को कीचड़ और कचरा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिले की पंचायतों को डिजिटल बनाया जा रहा है। आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर और राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, जिला अंत्योदय समिति के उपाध्यक्ष बज्जर सिंह गुर्जर तथा जिला पंचायत व जनपद पंचायत के पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष मंचासीन थे। अंत में जिला पंचायत सीईओ नीरज कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन एस बी ओझा ने किया।
सरपंचों ने भी विचार रखे
पंचायतीराज संस्थाओं के सम्मेलन में विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने भी विचार रखे। ग्राम पंचायत पाटई के सरपंच दिलीप रावत का कहना था कि पहले हम सोचते थे कि पूरे गाँव के जरूरतमंदों को घर और शौचालय मुहैया कराने के लिये हमें दूसरा जन्म लेना पड़ेगा। मगर भारत सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन से अब यह लक्ष्य प्राप्त करना आसान हो गया है। इसी तरह बड़ेराबुजुर्ग की सरपंच श्रीमती सुनीता ने सुझाव दिया कि शौचालय की तरह हर घर में डस्टबिन भी रखवाए जाना चाहिए। बिल्हेटी के सरपंच का सुझाव था कि वर्ष-2022 तक ग्राम पंचायतों के कार्यालयों को कागज मुक्त बनाया जाए। अर्थात पंचायतों का सारा काम ऑनलाइन होना चाहिए।
यह संकल्प दिलाए
केन्द्रीय मंत्री द्वय ने खचाखच भरे फैसिलिटेशन सेंटर में मौजूद पंचायत प्रतिनिधियों को वर्ष-2022 तक भारत के नव निर्माण, स्वच्छ भारत, गरीबी मुक्त भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, आतंकवाद मुक्त भारत, संप्रदायवाद मुक्त भारत, हर गरीब को घर दिलाने, हर हाथ को कुशल बनाने, गाँवों को वृक्षों से आक्षारित करने, हर गाँव तक सड़क बनवाने, मिशन अंत्योदय को सफल बनाने, समूहों के जरिए आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प दिलाए।
प्रदर्शनी भी देखी
फैसिलिटेशन सेंटर में लगाई गई स्वच्छता पर केन्द्रित प्रदर्शनी का भी केन्द्रीय मंत्री द्वय ने जायजा लिया। रविशंकर प्रसाद ने प्रदर्शनी में लगे बायोटॉयलेट की सराहना की। जिले को ओडीएफ बनाने में योगदान देने वाले ग्राम पंचायत सरपंचों, सचिवों, ग्राम रोजगार सहायकों, स्वच्छता समन्वयकों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना और डिजिटल पेंशन भुगतान करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।