ग्वालियर । ग्वालियर के विकास में सभी विभागों का समन्वित प्रयास जरूरी है। सभी के सहयोग से ही ग्वालियर का विजन डॉक्यूमेंट पूरा किया जा सकता है। कलेक्टर राहुल जैन ने बुधवार को नगर निगम मुख्यालय में सभी विकास विभागों के साथ ग्वालियर में क्रियान्वित किए जा रहे विकास परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान यह बात कही।
विकास बैठक में विशेष तौर पर ग्वालियर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय चौधरी, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश जादौन, डबरा नगर पालिका के अध्यक्ष, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, ग्वालियर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेश शर्मा, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग के संयुक्त संचालक व्ही के शर्मा, कंटोन्मेंट बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस के माथुर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर राहुल जैन ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत परियोजना, समग्र स्वच्छता अभियान के साथ ही ठोस कचरा अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। योजना के क्रियान्वयन में चुने हुए जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक ग्वालियर में 50 हजार आवासों का निर्माण किया जाना है। इन आवासों का निर्माण नगर निगम के साथ ग्वालियर विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड और कन्टोन्मेंट बोर्ड के माध्यम से पूर्ण किया जाना था। जिसमें नगर निगम द्वारा 25 हजार आवासों का निर्माण ग्वालियर विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं हाउसिंग बोर्ड द्वारा आठ – आठ हजार आवासों का निर्माण करेगा। कंटोन्मेंट बोर्ड द्वारा एक हजार आवासों का निर्माण किया जाना है। इन विभागों को वर्षवार लक्ष्य भी आवंटित किए गए हैं। सभी संबंधित विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित आवासों का प्लान तैयार कर 5 अक्टूबर तक अनिवार्यत: प्रस्तुत करें। इसके साथ ही आवास निर्माण के लिये स्थान का चयन और हितग्राहियों का चयन भी सावधानीपूर्वक किया जाए। जिन स्थानों पर आवास निर्माण किया जाना है, इनके लिये निर्माण का प्लान भी तत्काल तैयार कर कार्रवाई तेजी से की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के लिये पूर्व से ही 70 हजार आवेदन पत्र आवास हेतु नगर निगम को प्राप्त हो चुके हैं। प्राप्त आवेदन पत्रों का परीक्षण कर हितग्राहियों का चयन अंतिम रूप से कर दिया जाए।
कलेक्टर राहुल जैन ने यह भी निर्देश दिए कि जिन बस्तियों के निवासियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाना है, उन बस्तियों में कैम्प लगाकर लोगों को योजना की जानकारी लेने के साथ ही उन्हें योजना के तहत जोड़ा जाए। इसके साथ ही योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाए। कलेक्टर ने निर्माण विभागों को यह भी निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगर तकनीकी सहयोग की आवश्यकता हो तो नगर निगम से सहयोग लिया जाए।
कलेक्टर ने ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित समीक्षा के दौरान कहा कि नगर निगम द्वारा कचरा प्रबंधन के लिये कंपनी का चयन कर लिया गया है। शहर में कचरा प्रबंधन का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो, इसके प्रयास किए जाएँ। इसके साथ ही कंपनी द्वारा ग्वालियर के साथ-साथ अन्य नगरीय निकायों और संस्थाओं से जो कचरा एकत्र किया जाना है, उन संस्थाओं से अनुबंध की कार्रवाई तत्काल पूर्ण की जाए। कंपनी के अधिकारी और निगम के अधिकारी जिन संस्थाओं से कचरा लिया जाना है, उन संस्थाओं में जाकर विस्तृत जानकारी भी प्रदान करें।
16 नगरीय निकायों और संस्थाओं का कचरा एकत्र कर कंपनी द्वारा 10 मेगावाट बिजली का निर्माण किया जायेगा। कंपनी को प्रतिदिन 606 टन कचरे की आवश्यकता बिजली बनाने के लिये होगी। इसके लिये नगर निगम ग्वालियर से 400 टन और अन्य संस्थाओं से 200 टन कचरा एकत्र किया जायेगा। कंपनी के अधिकारियों द्वारा बताया गया कि दिसम्बर माह से कंपनी शहर के 20 वार्डों से डोर टू डोर कचरा एकत्र करने का कार्य प्रारंभ कर देगी। इसके साथ ही 10 स्थानों पर कचरा कलेक्शन का कार्य भी कंपनी शीघ्र प्रारंभ करेगी।
कलेक्टर राहुल जैन ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया कि गत वर्ष के अनुभव के आधार पर जनवरी 2018 में होने वाले सर्वेक्षण की कार्रवाई तेजी से करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के प्रति लोगों में जन जागृति पैदा करने हेतु नगर निगम आयुक्त, अपर आयुक्त सहित विभागीय अधिकारी मैदाना में निकलें। कलेक्टर ने कहा कि शहर में रैक पिकरों को चिन्हित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सभी धार्मिक स्थलों पर निकलने वाले फूलों से खाद बनाने की कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता के कार्य में लोगों की आदतों में परिवर्तन लाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान इस बार देश के सभी शहरों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर को गत वर्ष 27वीं रैंक मिली थी। इस बार हमें अपनी रैंक में सुधार करने हेतु सभी के सहयोग से कार्य करने की आवश्यकता है।
बैठक में नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि अमृत परियोजना के तहत पेयजल हेतु 330 करोड़ और सीवर के लिये 400 करोड़ रूपए की निविदायें मंजूर हुई हैं। परियोजना के तहत सम्पूर्ण शहर में पानी और सीवर की लाईन डाली जायेगी। इसके साथ ही सीवर ट्रीटमेंट प्लान और पेयजल हेतु फिल्टर प्लांट भी बनाया जायेगा। इसके साथ ही पानी की टंकियों का निर्माण भी होगा। सभी काम निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हों, इसके लिये कार्यों की निरंतर निगरानी की जायेगी।
उन्होंने बताया कि समग्र स्वच्छता अभियान के लिये भी निगम का अमला तेजी से कार्य कर रहा है। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जा रहा है। ठोस कचरा प्रबंधन के कार्य भी शहर में शीघ्रता से प्रारंभ होंगे। इसके लिये कंपनी से निरंतर संपर्क और कार्यों की मॉनीटरिंग की जा रही है। ग्वालियर की लैंडफिल साइट का कार्य भी तेजी से हो, इसके लिये कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।