ग्वालियर। गोंडा से चलकर ग्वालियर आने वाली सुशासन एक्सप्रेस 11111/11112 की एक वातानुकूलित बोगी में आग लगने की खबर है। यह आग उस समय लगी जब ट्रेन सायंकाल यार्ड में खड़ी थी। आग की जानकारी लगते ही मंडल रेल प्रबंधक एके मिश्रा ने बोगी की आग पर काबू पाने के निर्देश दिये और तीन वरिष्ठ रेल अधिकारियों को ग्वालियर रवाना किया, जो पूरे मामले की रिपोर्ट उन्हें सौंपेंगे।
बोगियों में आग लगने की सूचना जैसे ही रेल प्रबंधन को मिली रेल प्रशासन ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग बुझाने में फायर ब्रिगेड की तीन गाडि़यां लगी है। फायर ब्रिगेड के नोडल अधिकारी अतिबल सिंह यादव ने बताया कि फायर ब्रिगेड का दल आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहा है, वह स्वयं भी मौके पर हैं। बताया जाता है कि वातानुकूलित बोगी में संभवतः विघुत सर्किट चालू रहने से शार्ट सर्किट से लगी। शुरूआत में फैली चिंगारियों ने धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लिया। जिससे सुशासन एक्सप्रेस की वातानुकूलित बोगी व बी-2 आग से घिर गई। चूंकि ट्रेन यार्ड में खाली खाड़ी थी इसलिए आग से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। आग से वातानुकूलित बोगी बुरी तरह जल गई है, अंदर सभी सीटें व उसमें लगा सामान भी जलकर नष्ट हो गया है।
आग की जानकारी यार्ड में काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने प्रशासन को दी, जिसके बाद आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किये गये। आग की जानकारी झांसी रेल प्रबंधन को भी दे दी गई है।
जलती बोगी को ट्रेन से अलग किया
सुशासन एक्सप्रेस वातानुकूलित कोच बी-2 में लगी आग एकाएक फैलती जा रही थी। इसीलिए रेलवे यार्ड में तैनात कर्मचारियों ने तत्काल शंटिंग कर जलती बोगी को पूरी ट्रेन से अलग कर दिया, ताकि आग अन्य बोगियों में न फैल जाये।
रेल ट्रेफिक रोका
रेलवे प्रशासन ने आग के कारण रेलवे के अप व डाउन ट्रेक पर रेल ट्रेफिक को रोक दिया। लगभग एक घंटे तक रेल यातायात रोका गया। आग की सूचना लगभग 7 बजे मिली। इस दौरान राजधानी, शताब्दी एक्सप्रेस सहित अन्य रेलों को भी विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया। आग पर काबू पाने के बाद पहले राजधानी व शताब्दी एक्सप्रेस को निकाला गया। इसके बाद अन्य ट्रेनों को एक-एक करके निकाला गया।