उज्जैन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दिल्ली में विदेश मंत्रालय के कार्यालय में विभिन्न देश के राजनयिकों को सम्बोधित करते हुए उज्जैन में हो रहे सिंहस्थ कुम्भ में आगामी 12 मई से 14 मई तक होने वाले वैचारिक महाकुम्भ के लिए आमंत्रित किया। बैठक मे लगभग 68 देश के राजनयिकों ने भाग लिया। इनमें मुख्यतः आस्ट्रिया, सोमालिया, जाम्बिया, मालद्वीव, गुयाना, बांग्लादेश, ब्राजील, घाना, मिस्र, सेनेगल, भूटान, नेपाल, लीबिया, कोलम्बिया, कोरिया, सूडान, अफगानिस्तान, ग्रीस, सिंगापुर, युगांडा, क्यूबा, पनामा, यूनाइटेड किंगडम आदि के राजनयिक उपस्थित थे।
चौहान ने कहा कि सभी आमंत्रित राजनयिकों को राज्य अतिथि का दर्जा दिया जायेगा। इस अवसर पर विदेश राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह, विदेश मंत्रालय के उच्च अधिकारी तथा मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री एस. आर. मोहन्ती, प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव और प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस.के. मिश्रा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने राजनयिकों को सिंहस्थ कुम्भ की महत्ता बताते हुए वैचारिक कुम्भ में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ एक साधारण कुम्भ नहीं है। इसमें स्नान करना ही पर्याप्त नहीं है। वैचारिक महाकुम्भ के माध्यम से दुनिया में व्याप्त समस्याओं को चिन्हित करना और उसके बाद उनका समाधान निकालना ही मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म का मूल मंत्र मानव-कल्याण है। इसे हासिल करना ही कुम्भ का उद्देश्य है।
दृश्य एवं श्रव्य माध्यम द्वारा सिंहस्थ पर एक लघु फिल्म दिखायी गयी। इसमें सिंहस्थ के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व से लेकर राज्य शासन द्वारा सिंहस्थ को सफल बनाने के लिए किये जा रहे प्रयासों को दिखाया गया है।

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