भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मूर्ति विसर्जन के लिए विसर्जन स्थलों पर नगर निगम द्वारा नौकाओं की व्यवस्थाएं की जाएंगी। साथ ही नौका चालकों की मनमानी रोकने के लिए पारिश्रमिक की दरें भी तय रहेंगी। राजधानी भोपाल में मूर्तियों का विसर्जन एक समस्या बन गई है। इसके चलते पर्यावरण पर असर पड़ता है। इसे रोकने के लिए नगर निगम की विभिन्न युवा मंडलियों और हिंदू उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में गणेश व दुर्गा उत्सव की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में मूर्ति स्थापना, चल समारोह और मूर्ति विसर्जन से संबंधित व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। चल समारोह के रास्ते को व्यवस्थित करने और विसर्जन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं से संबंधित समितियों के पदाधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल का प्रशासन ने भरोसा दिलाया। बैठक में मूर्तियों के आकार और उनके निर्माण में कच्ची मिट्टी तथा पर्यावरण हितैषी पदाथोर्ं के उपयोग पर भी चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि अधिकतम छह फीट की ऊंचाई की मूर्ति और कच्ची मिट्टी से बनी मूर्तियों को स्थापित करें तो वह अधिक अच्छा होगा।

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