भोपाल । राज्यपाल श्री राम नरेश यादव ने आज यहाँ आयोजित पंचकल्याणक जिन बिम्ब प्रतिष्ठा एवं विश्व शांति महायज्ञ में सम्मलित होकर पूज्य मुनि श्री चिन्मय सागर जी महाराज जंगलवाले बाबा‘ से आर्शीवाद प्राप्त किया। राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि भगवान महावीर और भगवान बुद्ध के सत्य, अहिंसा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी विश्व के लिए प्रासंगिक हैं और उनका दिखाया मार्ग आज भी लोगों को सत्य और अहिंसा के पथ पर चलने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी सत्य और अहिंसा के सहारे ही देश को स्वतंत्रता दिलाई।
राज्यपाल ने मुनिश्री चिन्मय सागर जी द्वारा लिखित पुस्तक ‘समाज और साम्प्रदायिकता‘ का विमोचन किया। मुनिश्री ने राज्यपाल को पुस्तकों का एक सेट भी भेंट किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, पूर्व विधायक श्री पी.सी.शर्मा, न्यायाधीश श्री एन.के.जैन,स्थानीय पार्षद और बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री यादव ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव विश्व-कल्याण की राह दिखाता है। इसकी मूल भावना मित्रता और वसुधैव कुटुम्बकम् का भाव प्रबल करने की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमारे नौजवान युवक-युवतियाँ पाश्चात्य सभ्यता और भौतिकवाद के जाल में फँसते जा रहे हैं इससे हम संतों के मार्गदर्शन पर चलकर ही निकल सकते हैं।
पूज्य मुनिश्री चिन्मय सागर जी महाराज जंगल वाले बाबा‘ने कहा कि आज सबसे बड़ी चिंता हमारे देश की संस्कृति, सभ्यता को पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचाने की है। उन्होंने कहा कि हमें अपने ऊपर गर्व होना चाहिए कि हमने भारत में जन्म लिया है। मुनिश्री ने युवाओं से अपने देश की संस्कृति, सभ्यता को समझने और उसे अपनाने पर जोर दिया। हमारे देश की अनेकता में एकता‘ की मिसाल को कायम रखना है। मुनिश्री ने कहा कि समाज का हर वर्ग चाहे वह राजनेता हो, मंत्री हो या आम इंसान सबको माँस, मदिरा से दूर रहने और नशामुक्ति की शपथ लेने की आवश्यकता है इससे देश और समाज की बड़ी समस्याएँ हल हो जायेगी। उन्होंने कहा कि आज दूसरी सबसे बड़ी चिंता इंसान में जीवन मूल्यों की समाप्ति है। मुनिश्री चिन्मय सागर जी ने कहा कि देश में मानवता बनाये रखने और साम्प्रदायिकता को खत्म करने की आवश्यकता है। इसके लिए देश,समाज और धर्म में समन्वय स्थापित करना होगा।
श्री अशोक जैन भाभा ने स्वागत भाषण में कहा कि समाज शिक्षा और समाजिक क्षेत्र में कई कल्याणकारी योजनाएँ और अभियान चला रहा है। श्री अभय भैया ने मुनिश्री के जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन डा. पी.के. जैन ने किया। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री यादव को शाल, श्रीफल और अभिनन्दन-पत्र भेंट किया गया।