इंदौर. प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर राजनीतिक अटकलें बढ़ गई हैं. कमलनाथ राष्ट्रीय कांग्रेस में जाएंगे या प्रदेश राजनीति की धुरी बने रहेंगे इस पर राजनेताओं के बीच चर्चा बेहद गर्म हो गई है. अगर ऐसा होता है तो प्रदेश कांग्रेस के सारे समीकरण ही बदल जाएंगे.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के राष्ट्रीय कांग्रेस में जाने की अटकलें उस वक्त तेज हो गईं, जब पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का कमलनाथ पर बयान आया. वर्मा ने यह कहकर प्रदेश की राजनीति को नई हवा दी कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और मोतीलाल बोरा के निधन के बाद पार्टी में सीनियर नेताओं की कमी महसूस हो रही है. पूर्व मंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि उन्हें दिल्ली बुला रहे हैं, जबकि हम चाहते हैं कि वे यहीं रहें।
प्रदेश की नेताओं की कुछ अलग चाह
बताया जा रहा है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कमलनाथ को दिल्ली बुलाने के मूड में है. पार्टी में कमलनाथ को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. हालांकि, सूत्र इसके विपरीत बात कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्रदेश के नेता कमलनाथ के मध्यप्रदेश में रहने के समर्थन में हैं. सभी मिलकर 2023 का चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में ही लड़ना चाहते हैं.