ग्वालियर। मध्यप्रदेश के भिण्ड देहात थाने में पदस्थ पुलिस आरक्षक द्वारा चोरी की वाहन बेचने का मामला सामने आने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों में हडकंप मच गया है। आमजन की सुरक्षा का जिम्मा लिए पुलिस में भक्षक का काम कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार भिण्ड जिले के अटेर के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) इन्द्रवीर सिंह भदौरिया के साथ पदस्थ पुलिस आरक्षक भगवती सोलंकी ने एक युवक को चोरी की बाइक के साथ पकडा था। पकडे गए युवक से जब पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने बाइक भिण्ड देहात थाने में पदस्थ आरक्षक अजय शर्मा से खरीदी है। आरक्षक अजय शर्मा का चोरी की बाइक बेचने में नाम आने पर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाह को पूरे मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने चोरी की एक एक्टिवा भी बरामद की है उसे भी आरक्षक अजय शर्मा ने बेची थी। आरक्षक अजय शर्मा द्वारा चोरी की बाइक बेचने का मामला सामने आने पर पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह कुशवाह ने मामले की जांच देहात थाने के टीआई उदयभान सिंह यादव को सौंपी है।
पुलिस का रक्षक बनने के स्थान पर भक्षक बनने का यह पहला मामला नहीं है। यहां की पुलिस बदमाशों से मिलकर अपराध कराने व बदमाशों को संरक्षण के लिए जग जाहिर है। भिण्ड के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने भिण्ड शहर कोतवाली में पदस्थ आरक्षक संजय तोमर के मुरैना स्थित उसके घर से 10 हजार रुपए के इनामी बदमाश को अपने घर में पनाह देने पर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। बदमाश भी पुलिस वालों के यहां अपना डेरा जमाते हैं जिससे वह पकडे न जा सकें।
चोरी की बाइक मामले में आरक्षक अजय शर्मा की संलिप्पता मामले की जांच कर रहे टीआई उदयभान सिंह यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। बाइक चोरी में और भी बडा गिरोह सामने आने की संभावना है।
भिण्ड जिले में वाहन चोरी की बारदातों से लोगों का पुलिस पर से विश्वास उठ गया है। भिण्ड जिले मे पिछले ढाई साल में 900 सौ से अधिक केवल दुपहिया वाहन चोरी हुए हैं। ये वो जानकारी है जो थाने में मामले दर्ज है। बहुत पीडित लोग ऐसे भी है जो थाने में रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करा पाते है। वाहन चोरी के मामले हर साल बढते ही जा रहे है।

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