ग्वालियर। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान में आतंक का पर्याय रहे चंबल के दस्यु सरगना मलखान सिंह ने कहा कि अगर लोगों को न्याय मिल जाए तो कोई बागी न बनें। उन्होंने कहा कि मैं एक सीधा-साधा किसान था लेकिन पुलिस और दबंगों की ज्यादती ने उन्हें घर परिवार छोडकर बीहड का रास्ता अपनाने पर मजबूर कर दिया।
फिल्मकार मुकेश चौकसे आत्म समर्पित दस्यु मलखान सिंह के जीवन पर फिल्म की शूटिंग के लिए भिण्ड आए हुए हैं तभी आत्म समर्पित दस्यु सर्किट हाउस पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। मलखान सिंह ने कहा कि आम इंसान अगर अपनी जिन्दगी अपने तरीके से जीना चाहे तो दबंग लोग उसे जीने नहीं देते लेकिन अन्याय सहना उनकी फितरत में नहीं था उसी का परिणाम उन्हें बीहड का रास्ता अपनाकर भुगतना पडा। उन्होंने कहा कि 1975 में अब उनकी उम्र 18 वर्ष की थी तब विलाव गांव के दबंग सरपंच कैलाश नारायण दीक्षित मंदिर की जमीन पर कब्जा कर रहे थे। जब उन्होंने विरोध किया तो सरपंच ने उनके ऊपर तमाम झूठे आरोप लगाकर पुलिस से पकडवा दिया गया। अपनी जमानत करवा के जेल से बाहर आता कुछ दिनों बाद एक नए मामले में पुलिस फिर पकड ले जाती। दबंगों के आतंक के कारण वह घर में कम जेल में ज्यादा रहने लगे।
आत्म समर्पित दस्यु मलखान सिंह ने पत्रकारों को बताया कि 18 साल की उम्र पढने और खेलने की होती है लेकिन इस उम्र में उस पर पुलिस ने इतने अपराध लगा दिए कि पुलिस उसे पकडकर ले गई और उसका इनकाउन्टर करने की योजना बना ही रही थी तभी वह पुलिस के कब्जे से भाग गया और बीहड का रास्ता पकड लिया। सात साल तक बीहडों की खाक छानने के बाद मध्यप्रदेश के तब के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के समक्ष 17 जून 1982 को भिण्ड में आत्म समर्पण कर दिया था। वह अब गुना जिले के आरौन में रहकर शांतिप्रिय जीवन व्यतीत कर रहे है।
मलखान सिंह ने बताया कि चंबल का आदमी आन, वान और शान के लिए जीता है जब उसके स्वाभिवान को ठेस पहुचती है तो फिर उसके लिए कुछ भी कर सकता है। अगर आम आदमी को गरीब को इंसाफ मिले तो कोई बीहड का रास्ता न अपनाए। मलखान सिंह बताते है कि उन्होंने फरारी जीवन में महिलाओं का पूरा सम्मान किया। गिरोह का कोई भी सदस्य महिलाओं को देख भी नहीं सकता था। जब कोई महिला रास्ते में मिल जाती तो पूरा गिरोह उसके पैर छूकर उसका सम्मान करता था। उनके गिरोह में कभी महिला डकैत नहीं रही। उन्होंने बताया कि कई बार महिलाओं की वजह से उनका गिरोह पुलिस से बचा था। उन्होंने कभी भिण्ड जिले से किसी का अपहरण नहीं किया। उन्होंने बताया वह एक मकसद को लेकर फरार हुए थे जब उनका मकसद पूरा हो गया तो उन्होंने हथियार डाल दिए।
च्रबल के बीह डमें चल रही शूटिंग में आत्म समर्पित दस्यु मलखान सिंह का किरदार फिल्म के डायरेक्टर मुकेश चौकसे निभा रहे है। इस फिल्म में 8 गानें होंगे, जिसमें टाइटिल सॉंग और आयटम सॉंग भी रहेंगे। फिलम का 80 प्रतिशत भाग दस्यु मलखान सिंह के जीवन पर क्रेदित होगा, जबकि 20 प्रतिशत भाग में दर्शकों को फिल्मी मसाला मिलेगा।