ग्वालियर। रविवार को सीजन की पहली जोरदार बारिश से शहर तरबतर हो गया। कई क्षेत्रों में जलभराव हुआ जिसके चलते घरों में पानी घुस गया और सड़कों पर पानी भरने से परिवहन भी प्रभावित हुआ। इसके चलते लोगों को परेशानी तो हुई लेकिन मौसम की पहली बारिश से किसान और आम नागरिकों के चेहरे खिल गए।

पूर्वी तटीय क्षेत्रों में बने कम दबाव और उत्तर सीमांत के पहाड़ी क्षेत्रों से बढ़ रह वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर शहर में शनिवार से नजर आया। शनिवार को दिन भर रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद रविवार सुबह लगातार 4 घंटे जोरदार बारिश हुई। शहर की सड़कें लबालब हो गईं। तापमान गिरा, उमस से राहत मिली। खुशनुमा हुए माहौल ने सूखे से कराहते शहर की उम्मीदें जगा दीं। रविवार को सुबह 6 बजे से ही बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी। नतीजतन मौसम खुशनुमा हो गया। दिन का तापमान बीते रोज की तुलना में 5 डिग्री सेल्सियस गिर गया। करीब 11 बजे तक तापमान 29 डिग्री ही बना रहा।

शनिवार से रविवार सुबह तक करीब 55 मिमी बारिश हुई। इससे लौटते हुए मानसून से शहर को उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि दोपहर तक लागातार हुई बारिश से जनजीवन पर भी असर पड़ा, सड़कों का पानी घरों में अदर तक जा घुसा। वहीं पानी की सप्लाई के लिए जूझ रहे पीएचई अफसरों ने भी राहत की सांस ली, लेकिन औसत आंकड़ा पाने के लिए अभी 230.5 मिमी बारिश की दरकार है। इस सीजन में अब तक 520.5 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है। खास बात यह है कि ग्वालियर से लगे डबरा और चीनौर में पानी नहीं बरसा है। इससे इस क्षेत्र के किसान चिंतित हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि रुक-रुक बारिश होती रहेगी।

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