ग्वालियर । भारतीय संस्कृति हमें सिखाती है कि हमें यदि कोई कुछ देता है तो उसके प्रति हम आदर स्वरूप कृतज्ञता प्रकट करें। इसीलिये धरती माँ, सूर्य देव, माता-पिता, गुरूजन यहाँ तक नदियों सहित सम्पूर्ण प्रकृति को प्रणाम करना हमारी संस्कृति की सुदीर्घ परम्परा है। यह बात उच्च शिक्षा एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री जयभान सिंह पवैया ने कही। मौका था शासकीय माध्यमिक विद्यालय मोतीझील में “मिल बाचें मध्यप्रदेश” कार्यक्रम के तहत विशिष्ट अंदाज में लगी पाठशाला का।पवैया इस पाठशाला में गुरूजी की भूमिका में थे तो विद्यालय के बच्चे शिष्य की।
शनिवार को आयोजित हुई इस पाठशाला में उच्च शिक्षा मंत्री पवैया ने खासतौर पर भारतीय संविधान में निहित नागरिक कर्तव्य, नैतिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्य, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अमर शहीदों और सामान्य ज्ञान पर केन्द्रित बातें बच्चों को पढ़ाईं और इनसे संबंधित प्रश्न भी पूछे। जिन-जिन बच्चों ने सवालों के सही-सही उत्तर दिए, श्री पवैया ने पुरस्कार स्वरूप बॉलपेन भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, प्रथम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री, अमर शहीदों, ग्वालियर के महान संगीतज्ञों इत्यादि के बारे में पूछा। इनमें से अधिकांश प्रश्नों का बच्चों ने सही-सही जवाब दिया। विद्यालय के एक होनहार छात्र देवांश शर्मा की बुद्धिमत्ता की श्री पवैया ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। साथ ही अन्य बच्चों के शैक्षणिक स्तर को भी सराहा। उन्होंने प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुए स्वच्छता अभियान सहित अन्य कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। अंत में पवैया ने सभी कक्षाओं के बच्चों को अपने हाथों से लड्डू वितरित किए। इस दिन पढ़ने आए सभी बच्चे विशिष्ट अंदाज की पढ़ाई और मीठे-मीठे लड्डुओं का स्वाद लिए अपने घर लौटे। कार्यक्रम में मिल बाचें के वॉलिन्टियर सुरजीत यादव भी मौजूद थे।

विद्यालय में झूला, फिसलपट्टी व पंखे लगवाने की घोषणा
उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने यहाँ के बच्चोंण की मांग को पूरा करते हए विद्यालय की कक्षाओं में पंखे लगवाने की घोषणा की। साथ ही अपनी विधायक निधि से बच्चों के लिये झूला व फिसलपट्टी लगवाने की बात भी कही।

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