भोपाल ! मालवा एक्सप्रेस में लूट से नाकाम रहने वाले जिस बदमाश ने युवती को ट्रेन से फेंक दिया था , उस पर रेल पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। साथ ही बदमाश का स्कैच जारी किया गया है। गंभीर रुप से घायल युवती बंसल अस्पताल में भर्ती है। उसका हाल-चाल जानने गुरुवार को गृहमंत्री बाबूलाल गौर और रेल पुलिस महानिदेशक मैथलीशरण गुप्त अस्पताल पहुंचे। गृहमंत्री ने युवती का समुचित इलाज करने के निर्देश दिए। वहीं रेल पुलिस महानिदेशक ने आरोपी का स्कैच जारी करते हुए उस पर इनाम घोषित किया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार- बुधवार मालवा एक्सप्रेस में दिल्ली से उज्जैन जा रही 29 वर्षीय रति त्रिपाठी एस-7 कोच में सवार थी। युवती दिल्ली में एक कोचिंग संस्थान में काउंसलर है। बुधवार तड़के युवती को उसकी बर्थ पर जबरन बैठे दो युवकों ने चलती ट्रेन से फेंक दिया था। वह बीना के नजदीक करोंदा स्टेशन के पास जख्मी हालत में पड़ी थी। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को पहले बीना, फिर सागर और वहां से भोपाल के हमीदिया अस्पताल भेजा गया था। आज युवती की मां मिथ्या त्रिपाठी , भाई अराध्य और अन्य परिजन भी भोपाल पहुंच गए । उन्होंने दरम्यानी रात हमीदिया अस्पताल से भी उसे बंसल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। युवती के नाक
जांच के लिए 3 दल बनाए
पुलिस महानिदेशक रेल मैथिलीशरण गुप्त के मुताबिक, इस घटना के संबंध में टीटीई से भी पूछताछ की गई है। उसने ललितपुर से बदमाशों को बैठाने से इनकार किया है। मामले की जांच के लिए ठ्ठशेष पृष्ठ 2 पर
घटना की उच्चस्तरीय जांच होगी: मंडल रेल प्रबंधक राजीव चौधरी ने इस मामले की जांच के लिए मंडल रेल प्रबंधक, झांसी से उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने के लिए पत्र लिखा है। घायल युवती के इलाज के लिए मंडल रेल प्रबंधक, भोपाल के रिलीफ फंड से 10 हजार रुपए की सहायता जारी की गई है।
धीरे-धीरे हो रहा है सुधार: परिजनों के मुताबिक रति की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। वह अभी भी सीसीयू में है। रति कभी-कभी हाथ-पैर हिला रही है, वह होश में आने की कोशिश कर रही है। हालांकि चिकित्सक अभी उसे सुलाने की कोशिश में ही लगे हैं ताकि वह जल्दी ठीक हो सके। रति की नाक में आठ टांके लगे हैं। वहीं पसलियों में भी काफी चोट आई है।
टीटी को निलंबित करने की मांग: पूर्व विधायक एवं भोपाल जिला कांग्रेस अध्यक्ष पीसी शर्मा चलती ट्रेन से फेंकने के बाद घायल युवती को देखने अस्पताल पहुंचे थे। उसकी तबियत का हाल लिया। श्री शर्मा ने रेल विभाग से टीसी को निलंबित रति त्रिपाठी का पूरा इलाज रेल विभाग कराने, यात्रियों को सुरक्षा देने तथा पुलिस से मुलजिमों को गिरफ्तार करने की मांग की।
परिजनों का आरोप, टीटी ने नहीं रोकी ट्रेन
युवती के परिजन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, टिकट निरीक्षक (टीटीई) को इसकी जानकारी थी, बावजूद उसने ट्रेन रोकने से इनकार कर दिया। युवती की मां मिथ्या त्रिपाठी का कहना है कि; आरक्षित कोच में लोग कैसे चढ़ जाते हैं, यह रेलवे की गलती है। रति की मां ने हमीदिया अस्पताल प्रशासन के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हमीदिया पहुंचने के चार घंटे बाद तक रति के सिर से खून बह रहा था लेकिन हमीदिया के डॉक्टर उसे भी नहीं रोक पाए। इसके साथ ही परिजनों का आरोप है कि हमीदिया अस्पताल ने उन्हें रति के इलाज से जुड़े कागज भी नहीं दिए।
लोग अब संवेदनशील नहीं रहे
रति की माँ का कहना है कि उनकी बेटी ने बदमाशों का विरोध किया, उनसे लड़ाई लड़ी। इस बात का मुझे गर्व है लेकिन यदि ट्रेन में बैठे यात्री में से एक भी मेरी बेटी के पक्ष में खड़ा हो जाता तो आज रति की यह हालत नहीं होती। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि लोग अब संवेदनशील नहीं रहे।
20 हजार मुझसे ले लेना
रति के पिता महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने जीआरपी से मुआवजा लेने से भी इंकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि जीआरपी के अधिकारी उन्हें 15 से 20 हजार रुपए का मुआवजा देने आए थे। लेकिन मैंने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया है। श्री त्रिपाठी ने जीआरपी से कहा कि, मुझे मेरी बेटी सही सलामत दे दो, 20 हजार रुपए मुझसे ले लेना।

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