ग्वालियर । ग्वालियर शहर की दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति के लिये चंबल से पानी लाने की योजना को जिला योजना समिति ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। जिले के प्रभारी एवं किसान कल्याण व कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने जिला योजना समिति की बैठक में नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए कि एक माह के भीतर इस पेयजल योजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर प्रस्तुत करें। बिसेन ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार से इस योजना को जल्द से जल्द मंजूरी दिलाई जायेगी।
शनिवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक में महापौर विवेक नारायण शेजवलकर, विधायकगण भारत सिंह कुशवाह, लाखन सिंह यादव व श्रीमती इमरती देवी व जीडीए के अध्यक्ष अभय चौधरी सहित जिला योजना समिति के अन्य सदस्यगण तथा कलेक्टर राहुल जैन, पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, वन संरक्षक विक्रम सिंह परिहार व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीरज कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे। जिला योजना समिति की बैठक में अल्प वर्षा से उत्पन्न हुई स्थिति को ध्यान में रखकर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही विद्युत व्यवस्था, बोनी की स्थिति, पशुओं के लिये चारा व्यवस्था इत्यादि विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री बिसेन ने कहा कि ग्वालियर शहर की तात्कालिक पेयजल आपूर्ति के लिये पर्याप्त इंतजाम किए जाएँ। उन्होंने निर्देश दिए कि पेयजल परिवहन के लिये शहर में टैंकर व ट्रैक्टर की संख्या पढ़ायें। साथ ही तिघरा जलाशय को ककैटो व पहसारी से भरने की योजना पर भी तेजी से काम करें। महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने सुझाव दिया कि अल्प वर्षा के मद्देनजर अगले साल तक शहर की पेयजल आपूर्ति के लिये अभी से वैकल्पिक योजना तैयार करने की जरूरत है। प्रभारी मंत्री ने महापौर के सुझाव पर जल्द से जल्द अमल करने की हिदायत दी।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में शहर की पेयजल आपूर्ति के लिये तिघरा पेयजल योजना के अलावा ग्वालियर शहर में 1629 नलकूप कार्यरत हैं। साथ ही 43 टैंकर व 33 ट्रैक्टर पेयजल आपूर्ति का काम कर रहे हैं। नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि यदि प्रतिदिन पानी की आपूर्ति की जाए तो तिघरा से मात्र 56 दिन तक शहर की पेयजल आपूर्ति संभव होगी। एक दिन छोड़कर पानी देने पर 75 दिन और दो दिन छोड़कर 112 दिन अर्थात 4 नवम्बर तक पेयजल आपूर्ति संभव होगी। ककैटो-पहसारी से पानी लिफ्ट कर यदि तिघरा को भरा जाता है तो 90 दिन की और पेयजल आपूर्ति संभव हो सकेगी। इस पर लगभग 15 करोड़ रूपए का खर्चा संभावित है।
प्रभारी मंत्री बिसेन ने जोर देकर कहा कि ग्रामीण अंचल की पेयजल आपूर्ति में किसी तरह की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने डबरा क्षेत्र के एक आदिवासी बहुल मजरे में निर्देशों के बाबजूद हैण्डपम्प खनित न किए जाने पर पीएचई के कार्यपालन यंत्री को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही निर्देश दिए कि इस मजरे में तत्काल मशीन भेजकर हैण्डपम्प खनित करायें। उन्होंने तिघरा-साडा पाइपलाईन से साडा क्षेत्र के शेष तीन गाँवों को भी पेयजल आपूर्ति करने के निर्देश दिए। यहाँ के दो गाँव पहले ही इस लाईन से जोड़े जा चुके हैं। बिसेन ने पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि पशुओं के उपचार व टीकाकरण में कोई कोताही न हो। उन्होंने पछोर नगर पंचायत में मृत हुईं गायों की पीएम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश उपसंचालक पशुपालन को दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा पशुओं की मृत्यु पर राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत पशुपालकों को राहत राशि मुहैया कराई जाए।
कलेक्टर राहुल जैन ने बैठक में जानकारी दी कि जिले की जरूरतमंद ग्राम पंचायतों में पेयजल संबंधी कामों के लिये दो-दो लाख रूपए की राशि मुहैया कराई गई है। इस प्रकार कुल मिलाकर एक करोड़ 31 लाख रूपए की लागत से पेयजल के काम कराए गए हैं, जिनमें मोटर पम्प, पाइप लाईन व हैण्डपम्प संधारण इत्यादि काम शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगाई गईं नई पेयजल मोटर की जानकारी पीएचई के कार्यपालन यंत्री द्वारा जिला योजना समिति के सभी सदस्यों को मुहैया करा दी जायेगी। कलेक्टर ने यह कहा कि पेयजल आपूर्ति के लिये सरकारी नलकूप खनन पर कोई प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने कहा जरूरत पड़ने पर निजी पेयजल स्त्रोतों का भी अधिग्रहण किया जायेगा।
पेयजल को लेकर 29 अगस्त को भोपाल में होगी बैठक
प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि ग्वालियर शहर की पेयजल आपूर्ति की योजना को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के सिलसिले में 29 अगस्त को भोपाल में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जायेगी। इस बैठक में महापौर, नगरीय विकास एवं जल संसाधन विभाग के मंत्रिगण व प्रमुख सचिव, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य संबंधित अधिकारी भाग लेंगे। बैठक में खासतौर पर ककैटो-पहसारी से तिघरा भरने के काम को जल्द से जल्द शुरू कराने और दीर्घकालिक चम्बल प्रोजेक्ट की स्वीकृति के प्रयास होंगे। बैठक के बाद प्रभारी मंत्री इन पेयजल योजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे।
हर भवन को वाटर हार्वेस्टिंग संरचना से जोड़ने के प्रयास करें
प्रभारी मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने भवन निर्माण की अनुमति में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग संरचना की शर्त अनिवार्यत: जोड़ने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए। उन्होंने कहा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के पुराने मकानों में भी कम लागत की वाटर हार्वेस्टिंग संरचनायें बनवाने के लिये लोगों को प्रोत्साहित करें।
विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने को लेकर जल्द होगी विशेष बैठक
प्रभारी मंत्री बिसेन ने ग्रामीण अंचल की विद्युत आपूर्ति मे आ रही बाधा पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने विद्युत आपूर्ति सुदृढ़ करने के मकसद से जल्द ही सीएमडी व मुख्य अभियंता की मौजूदगी में विद्युत वितरण कंपनी के अन्य अधिकारियों की विशेष बैठक लेकर इस समस्या का समाधान करने की बात बैठक में कही। बिसेन ने साफ किया कि कृषि कार्य के लिये न्यूनतम 10 घंटे बिजली की आपूर्ति के लिये प्रदेश सरकार कटिबद्ध है।