भोपाल :वित्त, जल-संसाधन मंत्री और ग्वालियर जिले के प्रभारी श्री जयंत मलैया बेहट की ग्राम संसद में शामिल हुए। ग्राम संसद में खासतौर पर गाँव की कृषि योजनाओं पर चर्चा हुई।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि अभियान के जरिये सरकार पूरी ईमानदारी से जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ दिलवा रही है। ग्रामीण अब खुद तय करें कि गाँव में किस योजना का कौन पात्र है। साथ ही यह भी तय करें कि पात्र परिवार ही बीपीएल सूची में शामिल हों। जो बीपीएल से ऊपर हैं वह स्वत: ही अपना नाम इस सूची से हटवा लें। प्रभारी मंत्री की पहल पर बेहट के 19 परिवार स्वयं बीपीएल से अपने नाम हटवाने के लिये सहर्ष तैयार हो गए।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि हम सबकी जिम्मेदारी है कि पानी की बूँद-बूँद बचाये। सरकार द्वारा भी सिंचाई के पानी की बर्बादी रोकने के लिये भूमिगत पाइपलाइन डालने का काम हाथ में लिया जा रहा है। ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।
श्री मलैया बेहट में झिलमिल नदी के किनारे संगीत सम्राट तानसेन की साधना-स्थली का जायजा लेने भी पहुँचे। उन्होंने वहाँ किये जा रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में जिले में अगले पाँच साल में हर खेत को पानी के लक्ष्य को लेकर सिंचाई योजना बनाई गई है। योजना में लगभग 690 करोड़ रुपए लागत से करीबन 2 लाख 5 हजार 392 हेक्टेयर रकबे में सिंचाई प्रस्तावित है। वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक में सिंचाई योजना का अनुमोदन किया गया। श्री मलैया ने कहा कि जिला सिंचाई योजना के माध्यम से अगले पाँच वर्ष में कृषि आय को दोगुना करने का लक्ष्य है।
श्री मलैया ने कहा कि ऐसी सिंचाई पद्धतियाँ भी अपनाई जायेंगी, जिनसे वर्तमान में जितने रकबे की सिंचाई होती है, उतने ही पानी से तिगुने रकबे में सिंचाई हो सके। बैठक में ग्रामोदय से भारत उदय अभियान की समीक्षा भी की गई।

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