ग्वालियर । अब पटवारियों को 99 कॉलम के प्रोफार्मा में जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। इस जानकारी के आधार पर ही पटवारियों की पदोन्नति और मन माफिक पदस्थापना की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। यह बात कलेक्टर राहुल जैन ने बुधवार को एचएफटीसी के सभागार में पटवारियों की समीक्षा बैठक के दौरान कही। उन्होंने पटवारियों को कड़े शब्दों में आगाह किया कि अब समय बदल गया है या तो वेतन के अनुसार काम करें या फिर नौकरी छोड़ें। बैठक में उन्होंने पटवारियों के बस्तों की आकस्मिक जाँच भी करवाई।
बैठक के दौरान एडीएम शिवराज वर्मा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, लैण्ड रिकॉर्ड के अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और पटवारी उपस्थित थे। कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि राज्य सरकार आम जन के हितों के लिये पूरी तरीके से सचेत है। मुख्यमंत्री स्वयं भी राजस्व अमले की कार्यप्रणाली और जनता की कठिनाईयों को लेकर काफी चिंतित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि 30 सितम्बर से पूर्व सभी अविवादित नामांतरण, बटवारा, सीमांकन के शतप्रतिशत प्रकरणों का निराकरण हो जाना चाहिए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर नौकरी जाने के साथ-साथ एक लाख रूपए तक का अर्थदण्ड भुगतना पड़ सकता है।
जैन ने पटवारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पटवारियों से उनकी कार्य प्रक्रिया में सीमांकन, बटांकन, नामांतरण के लिये अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के बारे में भी पूछताछ की। जिसमें कई पटवारी संतुष्टिपूर्ण जवाब प्रस्तुत नहीं कर पाए। श्री जैन ने सभी पटवारियों को टीएसएम मशीन द्वारा सीमांकन कराए जाने का प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश अधीक्षक भू-अभिलेख को दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पटवारी के कार्यों की माह में दो बार समीक्षा तहसीलदार द्वारा, माह में एक बार समीक्षा एसडीएम द्वारा तथा तीन माह में एक बार समीक्षा उनके स्वयं के द्वारा की जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन पटवारियों द्वारा सीमांकन के दौरान फील्ड बुक तैयार नहीं की जाती है, ऐसे पटवारियों की एक-एक वेतन वृद्धि तत्काल प्रभाव से रोक दी जाए।
जैन ने कहा कि व्यवहार में यह पाया जा रहा है कि पटवारी की उपलब्धता एक कठिन समस्या बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्र से आने वाला व्यक्ति कलेक्टर से आसानी से मुलाकात कर लेता है, लेकिन अपने क्षेत्र के पटवारी से मुलाकात कर पाना उसके लिये कठिन कार्य बनता जा रहा है। इसलिये अब यह सुनिश्चित किया गया है कि सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को पटवारी अनिवार्य रूप से अपने हल्का मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही रिकॉर्ड अपडेशन के लिये पटवारियों को तहसील मुख्यालय आने की तिथि का निर्धारण भी संबंधित तहसीलदार द्वारा किया जायेगा। पटवारी इसी दिन तहसील से संबंधित सभी लंबित कार्य पूर्ण करायेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का संबंधित एसडीएम समीक्षा करेंगे और लेतलाली बरतने वाले पटवारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने पटवारी हल्कों पर बनाए गए पटवारी आवास का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश भी संबंधित एसडीएम को दिए।
जैन ने कहा कि ग्वालियर जिले में चलाए गए राजस्व अभियान के दो चरण पूर्ण हो चुके हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा भी 3 से 5 सितम्बर तक ग्रामीण क्षेत्रों में बी-1 का वाचन कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका कड़ाई के साथ पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अविवादित नामांतरण, बटवारा प्रकरण दर्ज करने का कार्य ग्राम पंचायत सचिव द्वारा भी किया जाता है। इसलिये इन प्रकरणों में उसकी भी संयुक्त जिम्मेदारी निर्धारित की जायेगी।
5 – 5 पटवारियों के बस्तों की कराई आकस्मिक जाँच
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर राहुल जैन ने सभी तहसीलों के पाँच-पाँच पटवारियों के नाम रेण्डमली स्वयं चयनित किए और उनकी आकस्मिक जाँच दूसरे क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों से कराने के निर्देश एडीएम शिवराज वर्मा को दिए। जिन पटवारियों के काम में कमी पाई जायेगी, उनके विरूद्ध जिला स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
पटवारी शब्द का समझाया अर्थ
कलेक्टर जैन ने बैठक में उपस्थित पटवारियों से पटवारी (PATWARI) शब्द का अर्थ भी पूछा और न बता पाने पर उन्होंने कहा कि मेरे मतानुसार P से आशय प्रजेण्ट योर हैडक्वार्टर, A से एकाउण्टबिलिटी, T से टाईमली रिपोर्टिंग, W से वसूली, A से एक्यूरेसी, R से रेवेन्यू मैटर और I से इन्ट्रिग्रिटी होता है। हमें इसके अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी से करना चाहिए।